यूपी : आसमान में छाये रहेंगे बादल, स्थानीय स्तर पर चार दिनों तक होती रहेगी बारिश




कानपुर । उत्तर प्रदेश में इन दिनों पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला गया है। कई जनपदों में स्थानीय स्तर पर बारिश भी हुई और कई जनपदों में ओले भी गिरे। बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों, खासकर दलहनी फसलों का नुकसान हो रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि होली के एक दिन पहले तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा और स्थानीय स्तर पर बारिश होती रहेगी। होली के बाद आसमान साफ होने की संभावना है।

अफगानिस्तान से चली पश्चिमी हवाओं से वातावरण में बराबर नमी आती रही और धीरे-धीरे कानपुर परिक्षेत्र सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया। हालांकि बीते दो दिनों से हवाओं की दिशाएं बदली हैं पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। वहीं हवाओं के बदलने से बादलों में टकराहट बढ़ गयी है, जिससे आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना बढ़ गयी है। वातावरण में पर्याप्त नमी होने के चलते स्थानीय स्तर पर रुक-रुक कर पूरे प्रदेश में बारिश हो रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर कुछ अधिक है और वहां पर ओलावृष्टि भी हुई है। इसी तरह बुन्देलखण्ड के क्षेत्र में भी पहाड़ी क्षेत्र होने से पश्चिमी विक्षोभ बारिश कर रहा है। बुधवार को लगभग सभी जनपदों में स्थानीय स्तर पर बारिश हुई है और ओला भी गिरे हैं। कानपुर नगर जनपद के कई इलाकों में ओला गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि होली के एक दिन पहले तक मौसम में फिलहाल बदलने की संभावना नहीं है। होली के बाद का पूर्वानुमान है कि मौसम में बदलाव आएगा और तापमान भी बढ़ेगा।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. नौशाद खान ने बताया कि पश्चिमी हवाओं के चलने से वातावरण में पर्याप्त नमी बरकरार है। नमी होने से लगातार आर्द्रता बढ़ रही है और आर्द्रता बढ़ने से बादलों में टकराहट बढ़ रही है। जिससे ओला के साथ बारिश हो रही है। यह मौसम पूरे उत्तर प्रदेश में एक समान है, पांच, छह और सात को मध्यम बारिश होगी और सात आठ को तेज बारिश होने की संभावना है। बताया कि आज कानपुर परिक्षेत्र में 2.1 किलोमीटर बारिश हुई है। अधिकतम तापमान  29 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सुबह की आर्द्रता 90 प्रतिशत और दोपहर की 45 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्व रही। स्थानीय स्तर पर हवा के सामान्य से तेज गति से चलने के आसार है। बताया कि ओलावृष्टि क्षेत्रों में फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। खासकर दलहनी फसलें अधिक प्रभावित हो रही हैं और इनके उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि जिन फसलों में दानें पड़ गये हैं या फूल आ रहा है उनके लिए यह मौसम नुकसानदायक है। तापमान अन्य दिनों की भांति ही रहा।