आईआईटी कानपुर में सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन की स्थापना

       


कानपुर, 1 नवंबर, 2019: विभिन्न विधाओं में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के निरंतर प्रयास के क्रम मेंभारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानकानपुर (आईआईटीकानपुर) में सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन की स्थापना की जायेगी। संयुक्त राज्य स्थित मेहता फैमिली फाउंडेशन के साथ मिलकर यह सेंटर स्थापित होगा।


इसके लिए आईआईटीकानपुर के निदेशकप्रोफेसर अभय करंदीकर और मेहता फैमिली फाउंडेशन के श्री राहुल मेहता ने आज एक समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किया। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्नियासैन डियेगो के प्रोफेसर शंकर सुब्रमण्यम 'मेहता फैमिली सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिनके पहले अंतर्राष्ट्रीय सलाहकारहैं।


प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा, ''मेहता फैमिली सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन के पीछे की सोच को चुनौतीपूर्ण चिकित्सा समस्याओं को हल करने हेतु नया रास्ता मिल रहा है। मेडिसिन और इंजीनियरिंग को एक साथ जोड़ने के आईआईटी कानपुर के सपने को पूरा करने में सहायता करने के लिएहम मेहता फैमिली फाउंडेशन के प्रति अत्यंत आभारी हैं। हमें विश्वास है कि देश में अपने तरह का पहला यह केंद्र इंजीनियरिंग एवं मेडिसिन के अंतराफलक (इंटरफेस) पर प्रशिक्षित मानवशक्ति की दृष्टि से अग्रणी होगा। अनुमान है कि अनूठापन एवं गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य की दृष्टि सेयह सेंटर भारत का एक सर्वश्रेष्ठ अंतर्विषयक केंद्र बनेगा।''


मेहता फैमिली फाउंडेशन के राहुल मेहता ने बताया, ''हमें आईआईटी कानपुर के साथ जुड़ने की खुशी हैजो इंजीनियरिंग में विज्ञान-आधारित पाठ्यक्रम में अग्रणी रहे हैं और इन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिये हैं। इस केंद्र से एक नये क्षेत्र का उदय होगाजिससे 21वीं सदी में स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) को एक नया स्वरूप मिलेगा। मेहता फैमिली फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत के छात्रों को नये-नये अवसर प्रदान करना हैजिससे हर कोई आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके।''


यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्नियासैन डियेगो के प्रोफेसर और बायोलॉजिकल साइंसेज ऐंड बायोइंजीनियरिंग बीएसएमई (बायोमेडिकल रिसर्च) के अतिथि प्रोफेसरप्रोफेसर शंकर सुब्रमण्यम ने कहा, ''आईआईटी कानपुर भारत में इंजीनियरिंग के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है और सेंटर फॉर इंजीनियरिंग इन मेडिसिन से इसकी प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ने की संभावना हैजिसका असर यहां से निकलने वाले छात्रों पर पड़ेगा। सेंटर में प्रशिक्षित कार्यबल भारत के हेल्थकेयर के क्षेत्र में क्रांति लाने में सक्षम होंगे। इंजीनियरिंग इन मेडिसिन पहल की शुरूआत करने के लिए आईआईटी कानपुर को बधाइयां!''


प्रस्तावित केंद्र में रिजेनेरेटिव मेडिसिनमॉलिक्यूलर मेडिसिन व इंजीनियरिंगऔर डिजिटल मेडिसिन पर शोध को बल दिया जायेगा। इन तीन क्षेत्रों का चुनाव इसलिए किया गया हैक्योंकि इनसे भविष्य में औषधि पद्धति में क्रांति लाये जाने की उम्मीद है। इस सेंटर द्वारा आईआईटी कानपुर के प्रमुख इंजीनियरिंग विभागों तथा बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग बीएसबीई (बायोमेडिकल रिसर्च) विभाग की क्षमताओं को प्रभावी तरीके से उपयोग में लाया जायेगासाथ ही यह नये-नये क्षेत्रों में भी काम करेगा जिससे अधिक प्रभावकारी तरीके से शोध (मौलिक और प्रायोगिक) शोध हो सके।


इस सेंटर की स्थापना के पीछे यह सोच है कि शोध/प्रौद्योगिकी परिणाम की दृष्टि से भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण रूप से प्रभाव डाला जा सकेऔर साथ ही नई पीढ़ी के ऐसे कर्णधार तैयार किये जा सकें जो इन अंतर्विषयक क्षेत्रों में सुप्रशिक्षित हों।