रमज़ान की 25 वीँ शब को नात पाक की महफिल हुई





कानपुर:माहे रमज़ानुल मुबारक की 25 वीँ शब यानि तीसरी ताक़ रात को तन्ज़ीम बरेलवी उलमा-ए-अहले सुन्नत की जानिब से चमनगंज मे सोशल डिस्टेंसिग के साथ नात-ए-पाक की महफिल हुई जिसकी सदारत तन्ज़ीम के सदर हाफिज़ व क़ारी सैयद मोहम्मद फ़ैसल जाफ़री ने की तन्ज़ीम के सेेक्रेट्री क़ारी आदिल अज़हरी ने कहा कि (दौलत यह खूब मुझको मिली मुतमईन हूँ मै,लब पर सजी है नाते नबी मुतमईन हूँ मै,जिस दर की दीद (जियारत) करते हैं आकर मलाईका,मुझको भी उसकी दीद हुई मुतमईन हूँ मै,फ़ज़्ले खुदा से मै भी हूँ आक़ा का उम्मती,काफी है मुझको इतनी खुशी मुतमईन हूँ मै)आदि शेर पढ़े इनके अलावा हाफिज़ मोहम्मद इरफान ने भी नबी की शान मे कलाम पेश किये सलातो सलाम के साथ महफिल खत्म हुई और कोरोना जैसी वबा के खात्मे के लिए खुसूसी दुआ की गई महफिल के बाद रोज़ेदारों के लिए सहरी का इन्तिज़ाम किया गया इस मौक़े पर जियाुद्दीन अज़हरी,मोहम्मद आमिर,मोहम्मद आकिब बरकाती आदि लोग मौजूद थे!