शहर क़ाज़ी नूरी की अपील : शबे बारात के दिन अपने घरों पर रोशनी कर घर ही में करें इबादत




कानपुर।। आज शहर काजी ने मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण पर्व शबे बारात( शुभ रात) को लेकर शहर   शहर क़ाज़ी कानपुर   शबे बरात से सम्बंधित तमाम पहलुओं पर गौरो फिक्र किया ज्ञात हो कि शबे बारात यानी शुभ रात मुसलमानों के पर्वों में एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसमें मुस्लिम धर्म के लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें याद करते हैं और शहर भर के कब्रिस्तान में लाखों की तादाद में पहुंचकर अपने अपने पूर्वजों की कब्रों पर रोशनी करते हैं साथ ही रात भर मस्जिद व रोड पर हजारों की तादाद में लोग नमाज पढ़ते हैं इसी को लेकर लोगों में बेचैनी है कि अब किस तरह से हम कब्रिस्तान पहुंचे अपने पूर्वजों को याद करें इसी के चलते  शहर काजी ने कहा कि दुनिया भर में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैली हुई है जिसको देखते हुए देशभर में व शहर में लॉक डाउन है जिसको देखते हुए हमें लॉक डाउन का पालन भी करना है जिससे हमें मुसलमानों को बदनाम ना किया जाए शहर काजी आलम रजा खान नूरी ने यह अपील किया है कि  उस दिन सभी मुसलमान अपने अपने घरों में रहकर शबे बारात  मनाएं  मस्जिद के इमाम मोजिन या फिर आवाम के लोग कब्रिस्तान ना जाकर अपने घरों की छतों पर और बालकनी में मोमबत्तियां लाइट जलाकर रोशनी करें साथी खुशबू का भी इंतजाम करें रात भर घर में रहकर इबादत करें दूसरे दिन रोजा रखें  इसी के साथ जो फातिहा का इंतजाम होता है उसका भी ध्यान रखते हुए सिर्फ हलवा बनाकर उस पर फातिहा कराएं बाकी खाने का सामान बिगर पका हुआ रखें और उस राशन को अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद तक पहुंचा दे जिससे वे इस राशन को कई दिन तक  चला सके या फिर जो कमेटियां आपके इलाके में राशन बांट रही है उनके पास अपना सामान पहुंचा दें जिससे वे इस सामान को इकट्ठा करके आगे आने वाले समय में जरूरतमंदों को बांट दें  उस दिन सभी लोगों खूब-खूब इबादत करें और इस जानलेवा बीमारी कोरोना वायरस से बचने के लिए अल्लाह से दुआ करें उस रात अक्सर लोग पटाखे और आतिशबाजी जलाते हैं जो शरीयत के लिहाज से भी नाजायज है उससे बचा जाए।