ख्वाजा गरीब नवाज़ का 55वां मरकज़ी उर्स मुबारक धूम-धाम से मनाया




हज़रत ख्वाजा मोईनउद्दीन चिश्ती गरीब नवाज़ (रजि० अन०) का सालाना मरकज़ी 55वां उर्स मुबारक खानकाहे हुसैनी हज़रत ख्वाजा सैय्यद दाता हसन सालार शाह (रह०अलै०) की दरगाह पर कुरानख्वानी, जशन ए ईद मिलादुन्नबी, गागर, चादर, गुलपोशी के साथ महफिले शमा (कव्वाली) के साथ मनाया गया।

ज़ोहर की नमाज़ के बाद कुरानख्वानी का एहतिमाम किया गया। उसके बाद जशने ईद मिलादुन्नबी हुआ जिसमें शहर के उलेमा ए दीन ने आका मौला हुज़ूर सरकार हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (स०अ०व०) की सुन्नतों पर अमल करने, नमाज़ की पाबंदी व गरीब नवाज़ को हिंदुस्तान की सरज़मी पर भेंजने का ज़िक्र किया। हुज़ूर की शान में मोहम्मद की गुलामी बड़ा सिला देगी, चेहरे को गुलाब की तरह खिला देगी, मत छोड़ना कभी दामन ए मुस्तफा, ये मोहब्बत तुम्हें अल्लाह से मिला देगी।

जशन ए ईद मिलादुन्नबी के बाद ख्वाजा गरीब नवाज़ की गागर, चादर व इत्र गुलाब से गुस्लकर गुलपोशी की गयी व गरीब नवाज़ जिंदाबाद, ख्वाजा का हिंदुस्तान ज़िंदाबाद के नारे बुलंद किये गये। गरीब नवाज़ की शान मे मेरे गमों की तुझको खबर या गरीब नवाज़, उठा दे मुझपे करम की नज़र गरीब नवाज़, तु मेरे दिल मे नही रुह मे रहता है, मै तुझे छोड़़कर किधर जाऊँ या गरीब नवाज़। सलातो सलाम के बाद दुआ हुई जिसमें उलेमाएं कराम ने अल्लाह से आका मौला हुज़ूर सरकार हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (स०अ०व०), गरीब नवाज़ के सदके मे मुल्क सूबे व शहर मे अमनो अमान कायम रहने, खुशहाली तरक्की देने व पूरी दुनियां को कोरोना वायरस के कहर से बचाने की दुआ की मौजूद लोगो ने अमीन अमीन अमीन कहा। उसके बाद महफिल शमा (कव्वाली) हुई जिसमें कव्वालो ने ख्वाजा गरीब नवाज़ की शान मे मनकबत पढ़ी जो सुबह 4 बजे तक चली।

उर्स मे इखलाक अहमद डेविड, हाजी निज़ामुद्दीन, मुरसलीन खाँ भोलू, जमालुद्दीन, सैय्यद मोहम्मद अतहर, हाफिज़ अब्दुल वहीद, शमशुद्दीन हाजी दिलशाद, रिज़वान समी, हाजी मेराज,मोहम्मद अहमद, शाह आलम मोहम्मद उमर, मोहम्मद आसिफ खान, मोहम्मद राहिल, नईमुद्दीन, सैय्यद शादाब अली, ज़ियाउद्दीन, हाजी उस्मान, मोहम्मद अज़हर, सैय्यद मोहम्मद तलहा, मोहम्मद चाँद, गुफरान मजीद, शौकत अली, अफज़ाल अहमद, सलामुद्दीन, मोहम्मद गुलरेज़, शारिक वारसी इशरत अली, मोहम्मद तौफीक, युनुस खान, मोहम्मद गुलज़ार हबीब आलम, चाँदबाबू, हाजी मोहम्मद नासिर खान, मोहम्मद जावेद, अबरार अहमद, मोहम्मद हफीज़, मोहम्मद शारिफ, युसुफ खान, मोहम्मद इदरीस आदि लोग मौजूद थे।