जिला विद्यालय निरीक्षक पर लगाया प्रार्थनापत्र बदलने का आरोप

--- एक विभाग से दूसरे विभाग को प्रोषित हो रही जांचे, नही निकल रहा कोई निष्कर्ष ---


कानपुर नगर, कानपुर नगर में भू-माफियाओं का बोलबाला है। शहर में ऐसे भूमाफिया है जो लोगों की खाली पडी जमीनो, उनके मकानो, सरकारी जमीनो, विभागीय जमीनो पर अपनी नजरें गडाए हुए हे। ऐसे भूमाफिया सरकारी तंत्र की मदद से लगातार फर्जी रूप से जीमनों पर कब्जा करते जा रहे है तथा शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नही की जाती और पीडित को अपनी जमीनो से हांथ धोना पडता है। इसी प्रकार एक ममले में भूमाफिया के खिलाफ दिए गए प्रार्थनापत्र के बाद जांच का सिलसिला शुरू हो गया, जांच जिला अधिकारी से एसीएम 5 पहुंची जहां से डीएसओ भेजी गयी, लेकिन डीएसओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी ने भूमाफिया को बचाने के लिए पीडिता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र को ही बद दिया गया और आख्या पूरी कर भेज दी। जब इस बात का पता पीडिता को लगा तो उसे पुनः डीएम से शिकायत की, डीएम द्वारा एसीएम को जांच सौपी गयी, एसीएम ने जांच के लिए तहसीलदार को प्रार्थनापत्र भेज दिया।
आम व्यक्ति को जब कोई परेशानी होती है तो वह प्रशासनिक अधिकारियों के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है लेकिन वहां से भी उसको निराशा ही हाथ लगती है। प्रार्थनापत्र देन के बाद शुरू होने वाली जांच का सिलसिला रूकने का नाम ही नही लेता है। एक विभाग से दूसरे विभाग, दूसरे से तीसरे इसी के बीच में मामला उलझा रहता है और दोशी व्यक्ति आराम से अपना काम करता रहता है। एक ऐसे ही मामले में फर्जी रूप से भूमाफिया देवी प्रसाद तिवारी जो कुछ समय पहले कानपुर में सम्पन्न हुए उपचुनाव में बसपा पार्टी से गोविंद नगर विधानसभा के प्रत्याशी रहे है उन्होने फर्जी रूप से जमीनो की बिक्री की उनके द्वारा फर्जी महज कागजों पर संस्कृत विधालय चलाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में सरस्वती देवी शुक्ला ने कई प्रार्थनापत्र अधिकारियों को दिए लेकिन उन्हे जांचो के अलावा कुछ भी हाथ नही लगा। डीएम द्वारा एसीएम-5 को जांच सौंपी गयी, जहां से जिला निरीक्षक कार्यालय भेजी गयी तथा प्रार्थना पत्र में मांग की गयी थी कि दोषी व्यक्ति पर कार्यवाही हो तथा मुकदमा दर्ज कराया जाये लेकिन जिला निरीक्षक कार्यालय में भू माफिया को बचाने के लिए खेल खेला गया, पीडित महिला ने बताया कि किस प्रकार से डीएसओ कार्यालय में उसके दिए गये प्रार्थनापत्र को बदल दिया गया।
उसने जिला विधालय निरीक्षक पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कर्मचारियों द्वारा पूर्व में दिए गये प्रार्थनापत्र को लगा दिया गया और बगैर किसी जांच के आख्या डीएम को भेज दी गयी। जब पीडिता को इस बात की जानकारी हुई तो वह पुनः डीएम से मिली, जिसके बाद एक बार फिर जांच एसीएम को सौंपी गयी, एसीएम द्वारा कार्यवाही हेतु जांच तहसीलदारको भेज दी गयी, लेकिन जांच अभी वही पर लटकी हुई है। पीडिता की माने तो भूमाफिया देवी प्रसाद तिवारी दबंग किस्म का है, उसकी हैसियत राजनीतिक स्तर पर बहुत मजबूत है। पहले वह कांग्रेस में था, अब वर्तमान में वह बसपा में शािमल है। उसने बताया कि संस्कृति विधालय के नाम पर रानीघाट पर उसने बहुत जमीन के हिस्से पर कब्जा कर बेंच दिया, उसका विधालय जो सिफ कागजों पर चल रहा है। कई बार शिकायतों के बाद डीएसओ कार्यालय से कोई कार्यवाही नकी की जा रही है, बलिक शिक्षा विभाग द्वारा उसे बचाने का भरकस प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यदि उनके प्रार्थनापत्र पर अभी भी कोई कार्यवाही नही की जाती तो वह जल्द ही पूरे मामले को लेकर उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भंेट कर सारा प्रकरण उनके समक्ष प्रस्तुत करंेंगी।