देश हित में रमजान के पर्व पर लॉकडाउन का करें पालन : जिलाधिकारी

- रोजा इफ्तार में भी जरुरी है सोशल डिस्टेंसिंग




कानपुर । कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कानपुर सहित पूरे देश मे लॉकडाउन चल रहा है। इसी लॉकडाउन में 24 अप्रैल से मुस्लिमों का पवित्र त्योहार रमजान भी शुरु होने वाला है। मुस्लिम समुदाय के लोग चांद देखने के अनुसार अपने रमजान माह की शुरूआत करते हैं। अनेक मुस्लिम धर्मगुरूओं द्वारा रमजान के इस महीनें में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के दिशा निर्देश एवं जारी एडवाईजरी का पालन करते हुये सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुये अपने घरों में रहकर रोजा, शहरी, इफ्तार तथा नमाज किये जाने की अपील की जा रही है। वहीं जिलाधिकारी ने भी साफ कर दिया है कि घरों में रहकर ही रमजान मनाएं और रोजा इफ्तार में सोशल डिस्टेंसिंग का जरुर पालन किया जाये, ताकि हम इस महामारी को खत्म कर सकें। इसके साथ ही मस्जिदों में इमाम के अलावा कोई भी नमाज न अदा करें, मस्जिदों में नमाज के साथ ही घरों पर ही लोग नमाज अदा करें।

जिलाधिकारी डा. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने कहा कि इन दिनों कानपुर में लगातार कोरोना मरीज बढ़ रहे हैं। इन मरीजों में अधिकांश मुस्लिम समुदाय के ही लोग हैं और रमजान का पवित्र महीना भी शुरु हो रहा है। प्रशासन को पूरी तरह से आशंका है कि अभी भी बहुत से लोग कोरोना से ग्रसित है और उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में रमजान के पर्व पर लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन किया जाये। इस महामारी में धर्म को आगे न किया जाये और जब जान रहेगी तभी धर्म आगे बढ़ेगा। ऐसे में सभी मुस्लिम वर्ग के लोग यह सुनिश्चित कर लें कि देश हित में रमजान का पर्व घर पर ही मनाये और रोजा इफ्तार में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

समाज और देश के लिए करें दुआ
जिलाधिकारी ने सभी मुस्लिम धर्मगुरूओं एवं मुस्लिम संप्रदाय के लोगों से अपील की है कि वह रमजान के महीने में रोजे के दौरान समाज की, प्रदेश की एवं देश की भलाई के लिए कोरोना वायरस से सभी की सुरक्षा के लिए सुबह की सहरी तथा शाम को प्रतिदिन रोजा इफ्तार अपने अपने घरों पर ही रहकर करें। सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार बिल्कुल न करें। इसके साथ ही नमाज भी घर पर ही अदा करें। जिलाधिकारी ने बताया कि इस समय पूरा देश, प्रदेश, शहर लॉक डाउन की स्थिति से गुजर रहा है और हर प्रदेश की सरकार, शासन एवं प्रशासन अपने लोगों को इस संक्रमण से बचाने में लगा है क्योंकि कोरोना वायरस ऐसा वायरस है जो एक दूसरे के संपर्क से फैलता है। इसलिये मस्जिदों में भीड़ से संक्रमण फैल सकता है। एक ही संक्रमित व्यक्ति हजारों व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। परिवार का एक ही सदस्य संक्रमित होने पर पूरे परिवार को कोरोना वायरस का संक्रमण दे सकता है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि हम अपने घरों में ही रह कर पांचो टाइम की नमाज अदा करने के साथ सायं काल परिवार के सदस्यों के साथ ही रोजा इफ्तार करें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तथा जिला प्रशासन का हर तरह से सहयोग करें। साथ ही जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अन्य लोगां को घरों में रहने के लिए कहे।

धर्मगुरु भी करें अपील
जिलाधिकारी ने कहा प्रशासन की ओर से धर्मगुरूओं से अपील है कि हर अजान के बाद लोगों से घरों में रहने, गलियों में न निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने, हाथो को साबुन से धोते रहने, साफ सफाई बनाये रखनें आदि की अपील अवश्य करें, जिससे लोग अधिक से अधिक जागरूक हो सकें। जो व्यवस्था वर्तमान में चल रही है उसका पालन करने की भी अपील जिलाधिकारी ने की है। उन्होंने कहा कि हम-आप, हमारा परिवार तथा हमारे समाज के लोग सभी सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें, इसी वजह से शासन ने लॉक डाउन लगाया है। रमजान माह त्याग एवं आपसी भाईचारे का महीना है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लोगों से अपील है कि वह गलियों में न निकले और लोगों को जागरूक करें।